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नवनिर्माण कविता 12वी हिंदी [ स्वाध्याय भावार्थ ] Balbharati solutions for Hindi

नवनिर्माण कविता 12वी हिंदी [ स्वाध्याय भावार्थ ]

नवनिर्माण कविता 12वी हिंदी [ स्वाध्याय भावार्थ ]

 कृति पूर्ण कीजिए :

आकलन | Q 1 | Page 3

1) बल इसके लिए होता है
SOLUTION
(१) पीड़ित को बचाने के लिए
(२) सताए हुए को न्याय दिलाने के लिए

2) जिसे मंजिल का पता रहता है वह
SOLUTION
(१) पथ के संकट को सहता है।
(२)सिद्धि के शिखर पर पहुँचकर अपना इतिहास कहता

निम्नलिखित शब्दों से उपसर्गयुक्त शब्द तैयार कर उनका अर्थपूर्णवाक्य में प्रयोग कीजिए :

शब्द संपदा | Q 1 | Page 3
1) नीति - 
SOLUTION
उपसर्गयुक्त शब्द - अनीति।
वाक्य : अनीति के मार्ग पर नहीं चलना चाहिए।

2) बल - 
SOLUTION
शब्द : निर् + बल = निर्बल।
वाक्य : निर्बल को सताना नहीं चाहिए।

अभिव्यक्त

 अभिव्यक्त | Q 1 | Page 3
‘1) धरती सेजुड़ा रहकर ही मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है’, इस विषय पर अपना मत प्रकट कीजिए ।
SOLUTION
लक्ष्य का अर्थ है निर्धारित उद्देश्य, जिसे प्राप्त करने के लिए गंभीरता पूर्वक नजर रखी जाए और उसे अर्जित करने के लिए यथासंभव प्रयास किया जाए। हर व्यक्ति का अपने-अपने ढंग से लक्ष्य निर्धारण करने और उसे अर्जित करने का अपना तरीका होता है। कोई इसे हल्के-फुल्के ढंग से लेता है और बड़े से बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर लेता है। ऐसे लक्ष्य क्षमता की कमी और अपर्याप्त साधन के अभाव में कभी पूरे नहीं हो पाते। जो व्यक्ति अपनी क्षमता और अपने पास उपलब्ध संसाधनों के अनु सार लक्ष्य का निर्धारण और उसकी पूर्ति के लिए तन-मन-धन से प्रयास करता है, वह व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में अवश्य सफल होता है। ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति जमीन से जुड़े हुए होते हैं और समझ-बूझ कर अपना लक्ष्य निर्धारित करते तथा उसके निरंतर प्रयासरत रहते हैं।

2) ‘समाज का नवनिर्माण और विकास नर-नारी के सहयोग सेही संभव है’, इसपर अपने विचार लिखिए ।
SOLUTION
हमारा समाज विभिन्न प्रकार की कुरीतियों और समस्याओं से भरा हुआ है। अनेक समाज सुधारकों के कठिन परिश्रम के बावजूद आज भी हमारे समाज में अनेक प्रकार की विषमताएँ व्याप्त हैं। असमानता, जातीयता, सांप्रदायिकता, प्रांतीयता, अस्पृश्यता आदि समस्याओं के कारण समाज के नर-नारी दोनों समान रूप से व्यथित हैं। जब तक हमारे समाज से ये बुराइयाँ दूर नहीं होती, तब तक समाज का नव निर्माण और विकास होना असंभव है। नर-नारी दोनों रथ के दो पहियों के समान हैं। बिना दोनों के सहयोग से आगे बढ़ना मुश्किल है। समाज की अनेक समस्याएँ ऐसी हैं, जिनके बारे में नारी को नर से अधिक जानकारियाँ होती हैं। नर-नारी दोनों कंधे से कंधा मिलाकर समाज उत्थान के कार्य में जुटेंगे, तभी समाज का नव निर्माण और विकास संभव हो सकता है।
निम्नलिखित मुद्‌दों के आधार पर चतुष्पादियों का रसास्वादन कीजिए :

नवनिर्माण कविता  रसास्वादन

 रसास्वादन | Q 1 | Page 3
(१) रचनाकार का नाम - __________________
SOLUTION
रचनाकार का नाम - नवनिर्माण।

(२) पसंद की पंक्तियाँ - __________________
SOLUTION
पसंद की पंक्तियाँ - कविता की पसंद की पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
जिसको मंजिल का पता रहता है,
पथ के संकट को वही सहता है,
एक दिन सिद्धि के शिखर पर बैठ
अपना इतिहास वही कहता है।

(३) पसंद आने के कारण - _________________
SOLUTION
पसंद आने के कारण - प्रस्तुत पंक्तियों में यह बात कही गई है कि एक बार अपने लक्ष्य का निर्धारण कर लेने के बाद मनुष्य को हर समय उसको पूरा करने के काम में जी-जान से लग जाना चाहिए। फिर मार्ग में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, उन्हें सहते हुए निरंतर आगे ही बढ़ते रहना चाहिए। एक दिन ऐसे व्यक्ति को सफलता मिलकर ही रहती है। ऐसे ही व्यक्ति लोगों के आदर्श बन जाते हैं। लोग उनका गुणगान करते है और उनसे प्रेरणा लेते हैं।

(4) कविता का केंद्रीय भाव - __________________
SOLUTION
 कविता का केंद्रीय भाव - प्रस्तुत कविता में संघर्ष करने, अत्याचार, विषमता तथा निर्बलता पर विजय पाने का आवाहन किया गया है तथा समाज में समानता, स्वतंत्रता एवं समानता की स्थापना की बात कही गई है।

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान 

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान | Q 1 | Page 4
1) चतुष्पदी के लक्षण लिखिए।
SOLUTION
चतुष्पदी चैपाई की भाँति चार चरणों वाला छंद होता है। इसके प्रथम, द्वितीय तथा चतुर्थ चरण में पंक्तियों के तुक मिलते हैं। तीसरे चरण का तुक नहीं मिलता। प्रत्येक चतुष्पदी भाषा और विचार की दृष्टि से अपने आप में पूर्ण होती है और कोई चतुष्पदी किसी दूसरी से संबंधित नहीं होती।

2) रिलोचन जी के दो काव्य संग्रहों के नाम -
SOLUTION
त्रिलोचन जी के कुल पाँच काव्य संग्रह हैं - (1) धरती (2) दिगंत (3) गुलाब और बुलबुल (4) उस जनपद का कवि हूँ (5) सब का अपना आकाश।

निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए :

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान | Q 1 | Page 4
1) अतिथि आए है, घर में सामान नही है ।
SOLUTION
अतिथि आए हैं , घर में सामान नहीं है।

2) परंतु अग्यान भी अपराध है।
SOLUTION
परंतु अज्ञान भी अपराध है।

3) उसके सत्य का पराजय हो जाता है ।
SOLUTION
उसका सत्य पराजित हो जाता है।

4) उसके सत्य का पराजय हो जाता है ।
SOLUTION
उसका सत्य पराजित हो जाता है।

5) दिलीप अपने माँ-बाप की इकलौती संतान थी ।
SOLUTION
दिलीप अपने माता-पिता की इकलौती संतान था।

6) आप इस शेष लिफाफे को खोलकर पढ़ लीजिए ।
SOLUTION
शेष आप इस लिफाफे को खोलकर पढ़ लीजिए।

7) उसमें फुल बिछा दें।
SOLUTION
उसमें फूल बिछा दें।

8) कहाँ खो गई है आप।
SOLUTION
कहाँ खो गई हैं आप?

9) एक मैं सफल सूत्र संचालक के रूप में प्रसिद्ध हो गया ।
SOLUTION
मैं एक सफल सूत्र संचालक के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

10) चलते-चलते हमारे बीच का अंतर कम हो गया था।
SOLUTION
हमारे बीच का अंतर चलते-चलते कम हो गया था।

नवनिर्माण कविता 12वी हिंदी [ स्वाध्याय भावार्थ ]

तुमने विश्वास दिया है मुझको,
मन का उच्छ्‌वास दिया है मुझको ।
मैं इसे भूमि पर सँभालूँगा,
तुमने आकाश दिया है मुझको ।

सूत्र यह तोड़ नहीं सकते हैं,
तोड़कर जोड़ नहीं सकते हैं ।
व्योम में जाएँ, कहीं भी उड़ जाएँ, 
भूमि को छोड़ नहीं सकते हैं ।

सत्य है, राह में अँधेरा है,
रोक देने के लिए घेरा है ।
काम भी और तुम करोगे क्या,
बढ़ चलो, सामने अँधेरा है ।

बल नहीं होता सताने के लिए,
वह है पीड़ित को बचाने के लिए ।
बल मिला है तो बल बनो सबके,
उठ पड़ो न्याय दिलाने के लिए ।

जिसको मंजिल का पता रहता है,
पथ के संकट को वही सहता है ।
एक दिन सिद्‌धि के शिखर पर बैठ,
अपना इतिहास वही कहता है ।

प्रीति की राह पर चले आओ,
नीति की राह पर चले आओ ।
वह तुम्हारी ही नहीं, सबकी है,
गीति की राह पर चले आओ ।

साथ निकलेंगे आज नर-नारी,
लेंगे काँटों का ताज नर-नारी ।
दोनों संगी हैं और सहचर हैं,
अब रचेंगे समाज नर-नारी ।

वर्तमान बोला, अतीत अच्छा था,
प्राण के पथ का मीत अच्छा था ।
गीत मेरा भविष्य गाएगा,
यों अतीत का भी गीत अच्छा था ।
- (‘चुनी हुईं कविताएँ’ संग्रह से)

कवि परिचय - नवनिर्माण कविता

  1. त्रिलोचन जी का जन्म २० अगस्त १९१७ को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कटघरा चिरानी पट्टी में 
  2. हुआ । आपका वास्तविक नाम वासुदेव सिंह है । 
  3. आप हिंदी के अतिरिक्त अरबी और फारसी भाषाओं के निष्णात ज्ञाता माने जाते हैं । पत्रकारिता के क्षेत्र में भी आप सक्रिय रहे । 
  4. आपने काव्य क्षेत्र में प्रयोगधर्मिता का समर्थन किया और नवसृजन करने वालों के प्रेरणा स्रोत बने रहे । 
  5. आपका साहित्य भारत के ग्राम समाज के उस वर्ग को संबोधित करता है; जो वर्षों से दबा-कुचला हुआ है । 
  6. आपकी साहित्यिक भाषा लोकभाषा से अनुप्राणित है । 
  7. सहज-सरल तथा मुहावरों से परिपूर्ण भाषा आपके साहित्य को लोकमानस तक पहुँचाकर जीवंतता भी प्रदान करती है । 
  8. आपका निधन २००७ में हुआ ।

प्रमुख कृतियाँ -  नवनिर्माण कविता

  1. ‘धरती’, ‘दिगंत’, ‘गुलाब और बुलबुल’, ‘उस जनपद का कवि हूँ’, ‘सबका अपना आकाश’ 
  2. (कविता संग्रह), ‘देशकाल’ (कहानी संग्रह), ‘दैनंदिनी’ (डायरी) आदि ।
  3. विधा परिचय ः‘चतुष्पदी’चार चरणोंवाला छंद होता है ।
  4.  यह चौपाई की तरह होता है । इसमें चार चरण होते हैं । इसके प्रथम, 
  5. द्‌वितीय और चतुर्थ चरण में तुकबंदी होती है ।
  6.  भाव और विचार की दृष्टि से प्रत्येक चतुष्पदी अपने आप में पूर्ण होती है ।

पाठ परिचय - नवनिर्माण कविता

  1.  प्रस्तुत चतुष्पदियों में कवि का आशावाद दृष्टिगोचर होता है ।
  2.  वर्तमान समय में सामान्य मनुष्य के लिए संघर्ष करना अनिवार्य हो गया है । 
  3. कवि मनुष्य को संघर्ष करने और अँधेरा दूर करने की प्रेरणा देते हैं । 
  4. जीवन में व्याप्त अन्याय, अत्याचार, विषमता और निर्बलता पर विजय पाने के लिए कवि बल और साहस एकत्रित करने का आवाहन करते हैं । 
  5. न्याय के लिए बल का प्रयोग करना समाज के उत्थान के लिए श्रेयस्कर होता है; इस सत्य से भी कवि अवगत कराते हैं । 
  6. कवि का मानना है कि समाज में समानता, स्वतंत्रता तथा मानवता को स्थापित करना हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए ।

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