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चुनिंदा शेर स्वाध्याय | Chuninda sher kavita | चुनिंदा शेर भावार्थ [ 12th कृती और स्वाध्याय ]

चुनिंदा शेर स्वाध्याय | Chuninda sher kavita | चुनिंदा शेर भावार्थ [ 12th कृती और स्वाध्याय ] 

दोस्तों आज की इस ब्लॉक उसमें हम देखने जा रहे हैं चुनिंदा शेर स्वाध्याय कक्षा बारहवीं दोस्तों हम तुम्हारे लिए ही लेकर आए हैं चुनिंदा शेर का बहुत अच्छी तरीके से प्रश्न उत्तर और उसी के साथ हम संपूर्ण पाठ भी आपके लिए लेकर आए हैं पर पहले हम आपको प्रश्न उत्तरों के बारे में बताएंगे उसके बाद ही पाठ के बारे में बताएंगे  इस तरीके से हमने यह पोस्ट लिखी है

 आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो इसी तरह के के 12वीं हिंदी के प्रश्नोत्तर हमने हमारे निर्माण अकैडमी ऑफिशियल वेबसाइट पर डाले हैं अगर आपको  12वीं कक्षा के सभी प्रकार के प्रश्न उत्तर चाहिए तो निर्माण अकैडमी ऑफिशियल वेबसाइट को जरूर से विजिट कीजिए तो चलिए देखते हैं चुनिंदा शेर स्वाध्याय


लिखिए :

आकलन | Q 1.1 | Page 49
1)  परिंदों को यह शिकायत है - _________
SOLUTION
परिंदों को यह शिकायत है - परिंदों को यह शिकायत है, हे मालिक कभी तो हमारी बात सुनो। ऐसा प्रतीत होता है कि जो दाना आपकी कृपा से हमें प्राप्त होता है, उसमें भी कीड़े लगे हैं।

2) नदी के प्रति उत्तरदायित्व - ___________
SOLUTION
नदी के प्रति उत्तरदायित्व - हमारी संस्कृति में नदी को माता के रूप में पूजा जाता है। नदी मानव सभ्यता के लिए जीवनदायिनी का काम करती है। इस नदी रूपी माता के लिए हमारा भी कुछ उत्तरदायित्व है। हमें नदी को स्वच्छ रखना चाहिए। कूड़ा-कचरा, रसायन नदी में नहीं डालने चाहिए।

3) पानी सर से गुजर जाएगा तो - ________
SOLUTION
पानी सर से गुजर जाएगा तो - पानी सर से गुजर जाएगा तो - पानी सर से गुजर जाने का अर्थ है परिस्थिति का हाथों से निकल जाना। ऐसी स्थिति आने पर या तो व्यक्ति बिलकुल हताश हो जाता है या विद्रोही बनकर न करने योग्य कार्य भी कर गुजरता है।

4) कवि जिंदगी के सवालों में खो गए - _________
SOLUTION
कवि जिंदगी के सवालों में खो गए - कवि जिंदगी के सवालों में खो गए तब ऐसा हुआ कि कवि के सवालों के जवाब उनके उजालों में खो गए।

5) पाठ में आए चार उर्दू शब्द और उनके हिंदी अर्थ :
____________ = ____________
____________ = ____________
____________ = ____________
____________ = ____________

SOLUTION
(१) खुशबू - सुगंध
(२) परिंदे - पक्षी
(३) ख्वाब - स्वप्न
(४) जिंदगी - जीवन

चुनिंदा शेर अभिव्यक्त

अभिव्यक्त | Q 1 | Page 49
1) ‘आकाश केतारेतोड़ लाना’, इस मुहावरेको स्पष्ट कीजिए।
SOLUTION
आकाश के तारे तोड़ लाना मुहावरे का अर्थ है असंभव काम करना। जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे कार्य की पूर्ति कर दे, जिसे कर पाना असंभव माना जा रहा हो तब उसके इस असंभव कार्य के लिए उपर्युक्त मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। असीमित कठिनाइयों से भरा कोई काम, जिसे कर पाने में सभी असहज हों, वह कार्य विशेष कर पाना सभी को असंभव लगे, तब यह मुहावरा दोहराया जाता है। जैसे तुम्हें क्या लगता है कि नलिन कुछ कर नहीं सकता। अरे... समय आने पर वह आकाश के तारे भी तोड़कर ला सकता है।

2) ‘क्रांति कभी भी अपने-आप नहीं आती; वह लाई जाती है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
SOLUTION
क्रांति अर्थात बदलाव लाना। बदलाव शासन व्यवस्था के प्रति हो सकता है या फिर किसी सामाजिक प्रथा के विरोध में। क्रांति कभी भी अपने-आप नहीं आती। क्रांति के लिए मानव को ही प्रयास करना पड़ता है। कोई व्यवस्था अथवा रूढ़ि भले ही जर्जर हो चुकी हो, समाज के विकास के लिए अहितकर बन रही हो। अगर हम उसे बदलने के लिए क्रांतिकारी कदम नहीं उठाएँगे, तो हमारा समाज प्रगति नहीं कर पाएगा, कूपमंडूक बना रहेगा। इतिहास साक्षी है कि जब-जब मानव ने नए सिद्धांतों को, नई खोजों को अपने, समाज निरंतर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहा।

3) कवि की भावुकता और संवेदनशीलता को समझते हुए ‘चुनिंदा शेर’ का रसास्वादन कीजिए ।
SOLUTION
कवि अपनी जिंदगी में आई परेशानियों से अप्रभावित हुए बिना उनका इस प्रकार सामना करते रहे कि वहीं से मानो उजाले फूट पड़े। सारी परेशानियाँ इस प्रकार समाप्त हो गईं मानो कभी थीं ही नहीं। हर सुबह हमारे लिए एक नया संदेश लेकर आती है। रात्रि के घोर अंधकार में जुगनू द्वारा फैलाए गए हल्के से प्रकाश में भी आशा की एक किरण छिपी होती है। कवि नित्य नए सपने देखता था, जागती आँखों के सपने। वह नहीं जानता था कि उसके सपनों में, उसके विचारों में क्रांति का बीज छिपा है। उसके द्वारा आसमान पर लिखे गए सपने एक दिन क्रांति का रूप ले लेंगे। हँसी और आँसू मनुष्य के जीवन के दो अंग हैं। 

परंतु आज हर मनुष्य अपने जीवन की विसंगतियों से इस कदर त्रस्त है कि वह नहीं चाहता कि दूसरा कोई भी अपने आँसुओं से उसका कंधा भिगोए। अतः हमें अपने चेहरे पर एक मुखौटा लगाकर अपने आँसुओं को हँसी से छिपा लेना चाहिए। ईश्वर फकीरों, साधुओं और समाज की भलाई की इच्छा रखने वाले लोगों को ऐसी शक्ति प्रदान करता है कि उनके मुख से निकले आशीर्वाद सच होने लगते हैं। ऐसे लोगों की आँखें मानो करुणा और स्नेह बरसाती रहती हैं। हर मनुष्य की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। प्रतिकूल परिस्थितियों, असफलताओं और अन्याय को सहन करने की शक्ति जिस दिन समाप्त हो जाएगी, उस व्यक्ति का विवेक उसका साथ छोड़ देगा। वह दिन बस विद्रोह का दिन होगा। जीवन में निरंतर मिलती निराशाओं के कारण आँखों से आँसू इस प्रकार बहते रहते हैं मानो बाढ़ आ गई हो। कभी-कभी तो ऐसा प्रतीत होता है कि यह जीवन नहीं, बल्कि आषाढ़ का महीना है और निरंतर बादल बरस रहे हैं। एक मेहनतकश इन्सान जेठ मास की कड़कती हुई धूप में नंगे पाँव डामर की जलती सड़क पर चला जा रहा है। 

उसके पैरों की उँगलियाँ जल रही हैं। साथ ही दिलोदिमाग में निराशा और हताशा की आँधियाँ चल रही हैं, बिजलियाँ घुमड़ रही हैं। मनुष्य की साँसें निश्चित हैं अर्थात प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में कितना आयुष्य पाएगा, कितनी साँसें ले पाएगा, यह पूर्वनिश्चित है। कवि को ऐसा महसूस होता है मानो उनकी साँसें उनकी अपनी नहीं हैं। अपनी साँसों पर उनका कोई अधिकार नहीं है। इस संसार में अनगिनत लोग ऐसे हैं, जिनमें से किसी का सिर खुला है, तो किसी के पैर चादर से बाहर हैं। ये लोग अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं कर पाते। हे ईश्वर ऐसा कुछ करो कि सभी लोगों को आवश्यकता की हर चीज मिले। सभी अपना भरण-पोषण उचित ढंग से कर सकें। कल भूख और बीमारी के कारण जिस मजदूर की साँसें बंद हो गई, जो इस निर्मोही दुनिया को छोड़कर चला गया, वह अनपढ़ था, निरक्षर था। परंतु उसके भी अनगिनत सपने थे। सपने देखने के लिए किसी भी प्रकार की साक्षरता की आवश्यकता नहीं होती। वह रोज अपनी इच्छाओं, आकांक्षाओं को मानो किताब में लिखता रहता था।

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान | Q 1 | Page 50
4) कैलाश सेंगर जी की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम - ________________________
SOLUTION
(१) सूरज तुम्हारा है (गजल संग्रह)
(२) यहाँ आदमी नहीं, जूते भी चलते हैं
(३) सुबह होने का इंतजार (कहानी संग्रह)
(४) अभी रात बाकी है (अनूदित साहित्य)

5) गजल इस भाषा का लोकप्रिय काव्य प्रकार है - ____________
SOLUTION
गजल इस भाषा का लोकप्रिय काव्य प्रकार है - उर्दू

कोष्ठक मेंदी गई सूचना केअनुसार काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए :

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान | Q 1 | Page 50

1) एक-एक क्षण आपको भेंट कर देता हूँ । (सामान्य भविष्यकाल)
SOLUTION
एक-एक क्षण आपको भेंट कर दूँगा।

2) बैजू का लहू सूख गया है । (सामान्य भूतकाल)
SOLUTION
बैजू का लहू सूख गया।

3) मन बहुत दुखी हुआ था । (अपूर्ण भूतकाल)
SOLUTION
मन बहुत दुखी हो रहा था।

4) पढ़-लिखकर नौकरी करने लगा । (पूर्ण भूतकाल)
SOLUTION
पढ़-लिखकर नौकरी करने लगा था।

5) यात्रा की तिथि भी आ गई । (सामान्य वर्तमानकाल)
SOLUTION
यात्रा की तिथि भी आ जाती है।

6) में पता लगाकर आता हूँ। (सामान्य भविष्य काल)
SOLUTION
मैं पता लगाकर आऊँगा।

7) गर्ग साहब ने अपने वचन का पालन किया । (सामान्य भविष्यकाल)
SOLUTION
गर्ग साहब अपने वचन का पालन करेंगे।

8) मौसी कुछ नहीं बोल रही थी । (अपूर्ण वर्तमानकाल)
SOLUTION
मौसी कुछ नहीं बोल रही है।

9) सुधारक आते हैं । (पूर्ण भूतकाल)
SOLUTION
सुधारक आए थे।

10) प्रकाश उसमें समा जाता है। (सामान्य भूतकाल) 
SOLUTION
प्रकाश उसमें समा जाता था।

चुनिंदा शेर स्वाध्याय | Chuninda sher kavita | चुनिंदा शेर भावार्थ [ 12th कृती और स्वाध्याय ] 

कवि परिचय ः कैलाश सेंगर जी का जन्म १६ फरवरी १९54 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ । सहज-सरल हिंदुस्तानी भाषा  में लिखी आपकी रचनाएँ सामान्य आदमी की जिंदगी में घुली वेदना, प्रश्न, भावना और उसकी धड़कन को व्यक्त करती  हैं । काव्य में किए जाने वाले मौलिक प्रयोगों और कथ्य के तीखेपन के कारण कैलाश सेंगर आज के गजलकारों में महत्त्वपूर्ण और लोकप्रिय नाम है । गजलों के अलावा गीत, कविता, कहानी, नाटक आदिविधाओं में आप लेखन करते हैं । पत्रकारिता  के क्षेत्र में भी आपका उल्लेखनीय योगदान है । हिंदी के साथ साथ मराठी भाषा पर भी आपका प्रभुत्व है । आपके लेख में  प्रस्तुत विचार सोचने को बाध्य करते हैं । आपकी साहित्यिक भाषा पाठकों के मन-बुद्‌धि को झकझोरकर रख देती है ।

प्रमुख कृतियाँ ः ‘सूरज तुम्हारा है’ (गजल संग्रह), ‘यहाँ आदमी नहीं, जूते भी चलते हैं’, ‘सुबह होने का इंतजार’  (कहानी संग्रह), ‘अभी रात बाकी है’ (अनूदित साहित्य) आदि ।

विधा परिचय ः उर्दू कविता का लोकप्रिय प्रकार गजल है जिसे गढ़ने में शेरों की अहम भूमिका होती है । गजल की  लोकप्रियता के फलस्वरूप इसे हिंदी ने भी अपना लिया है । गजल हिंदी में आते-आते रूमानी भावभूमि से हटकर यथार्थ की  जमीन पर खड़ी हो गई है । इन शेरों द्वारा हिंदी गजलों ने अपनी अभिव्यक्ति शैली के बल पर लोकप्रियता प्राप्त की है ।

पाठ परिचय ः प्रस्तुत शेरों में सामाजिक अव्यवस्था और विडंबना के विभिन्न चित्र शब्दों के माध्यम से व्यक्त किए गए  हैं । इस सामाजिक अव्यवस्था में आम आदमी की अनसुनी कराहें इन शेरों के माध्यम से कवि हम तक पहुँचाने का प्रयास  करता है । विवशताओं के कारण आम आदमी अपनी पीड़ा अभिव्यक्त करने में स्वयं को असमर्थ पाता है, ये शेर उन्हीं  विवशताओं को व्यक्त करने का माध्यम बन जाते हैं । मनुष्य की इस विवशता को और उसे समाप्त करने के प्रयासों को कवि ने वाणी प्रदान की है ।

चुनिंदा शेर स्वाध्याय | Chuninda sher kavita | चुनिंदा शेर भावार्थ [ 12th कृती और स्वाध्याय ] 


गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है ।
चट्टानों पर फूल खिलाना हमको आता है ।
 × × × ×
परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक ।
तेरे दानों में भी शायद, लगा है घुन मेरे मालिक ।
 × × × ×
हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए ।
सारे जवाब उनके उजालों में खो गए ।
 × × × ×
चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है ।
बरसों से इक सुबह हमारा नाम पुकारा करती है ।
 × × × ×
वह आसमाँ पे रोज एक ख्वाब लिखता था ।
उसे पता न था वह इन्कलाब लिखता था ।
 × × × ×
हँसी से अपने आँसुओं को छुपाकर देखो ।
नया मुखौटा ये चेहरे पे लगाकर देखो ।
 × × × ×
वह फकीरों की दुआओं में असर देता है ।
आँख से इत्र बाँटने का हुनर देता है ।
 × × × ×
इसमें लाशें भी मिला करती हैं, तुम जरा देख-भाल तो लेते,
इसको माँ कह के पूजनेवालो, इस नदी को खँगाल तो लेते ।
 × × × ×
जब भी पानी किसी के सर से गुजर जाएगा ।
तब वह सीने में नई आग ही लगाएगा ।
× × × ×
आँखों में बहुत बाढ़ है, शेष सब कुशल ।
जीवन नहीं अषाढ़ है, फिर शेष सब कुशल ।
× × × ×
सड़क ने जब मेरे पैरों की उँगलियाँ देखीं;
कड़कती धूप में सीने पे बिजलियाँ देखीं ।
× × × ×
साँस हमारी हमें पराये धन-सी लगती है,
साहुकार के घर गिरवी कंगन-सी लगती है ।
× × × ×
किसी का सर खुला है तो किसी के पाँव बाहर हैं,
जरा ढंग से तू अपनी चादरों को बुन मेरे मालिक ।
× × × ×
वह जो मजदूर मरा है, वह निरक्षर था मगर,
अपने भीतर वह रोज, इक किताब लिखता था ।
- (‘सूरज तुम्हारा है’ गजल संग्रह से)

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